When Laws Are Ignored, Hunger Becomes the Voice

📰 दो महीने की ‘होल्ड’ नीति या न्याय से भागता हुआ निर्णय? — CCMP डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन पर सरकार की चुप्पी

📍 स्थान: आज़ाद मैदान, मुंबई
🗓️ तारीख: 16 जुलाई 2025 से
✊ आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि निर्णय अभी अधूरा है

🧷 क्या हुआ है?

महाराष्ट्र सरकार ने 15 जुलाई से शुरू होने वाला MMC (Schedule 28) रजिस्ट्रेशन अचानक होल्ड पर डाल दिया है

यह होल्ड 2 महीने की अवधि के लिए रखा गया है

एक 7 सदस्यीय समिति बनाई गई है, जो इस पूरे मामले की समीक्षा और निरीक्षण (Observation) करेगी


❗ तो क्या रजिस्ट्रेशन रद्द हो गया है?

नहीं, यह निर्णय रद्द करने का नहीं, बल्कि टालने का है
सरकार ने फिलहाल यह कहा है कि:

> “पूरे प्रकरण की समीक्षा 7 सदस्यीय समिति द्वारा की जाएगी और तब तक रजिस्ट्रेशन प्रोसेस रोकी जाती है।”


⚖️ लेकिन सवाल यही है — आखिर 10 साल बाद फिर से समीक्षा क्यों?

2014 में ही तो:

विधिमंडल में दोनों सदनों से कानून पास हुआ था

राजपत्र में नियम प्रकाशित हुए थे

MBBS कॉलेजों में CCMP कोर्स शुरू भी हुआ

हज़ारों डॉक्टरों ने वैध रूप से यह कोर्स पास भी किया


अब जब रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तारीख आई —
सरकार ने कहा: “अभी नहीं, दो महीने रुकिए”



🔥 यह टालमटोल नहीं, डॉक्टरों के धैर्य और अधिकारों की परीक्षा है

एक लाख से अधिक होम्योपैथी डॉक्टर 10 साल से इंतजार कर रहे हैं

न वो रजिस्ट्रेशन मांग रहे हैं बिना नियम के

न वो अवैध प्रैक्टिस कर रहे हैं

वो मांग रहे हैं — वो अधिकार जो उन्हें कानून ने दिया है


📢 अब आंदोलन क्यों ज़रूरी है?

क्योंकि अगर हम अब शांत हो गए, तो:

यह “होल्ड” स्थायी “रद्द” में बदल सकता है

यह लड़ाई फ़ाइलों में दबी रह जाएगी

और डॉक्टरों की एक पूरी पीढ़ी बिना रजिस्ट्रेशन, बिना सुरक्षा, इलाज देती रहेगी


इसलिए 16 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा आमरण अनशन पहले से भी ज़्यादा ज़रूरी और नैतिक बन गया है।


📣 हमारी माँगें अब भी वैध हैं:

1. Schedule 28 के तहत MMC रजिस्ट्रेशन चालू किया जाए — जैसा कि कानून में प्रावधान है


2. FDA का रद्द परिपत्र पुनः लागू किया जाए


3. 7 सदस्यीय समिति की सिफारिशों को सार्वजनिक किया जाए


4. CCMP डॉक्टरों के साथ पारदर्शी संवाद स्थापित किया जाए



🗣️ विधायकों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह

कृपया 16, 17, 18 जुलाई को 10 मिनट के लिए आज़ाद मैदान पर पधारें

विधानसभा में यह मुद्दा उठाएं

बताएं कि आप किसके साथ हैं —

> हक़ के साथ या फिर खामोशी के साथ?


📌 याद रखिए:

यह सिर्फ डॉक्टरों का नहीं, समाज के अंतिम व्यक्ति तक इलाज पहुँचाने वाले लोगों का आंदोलन है।
अगर वो टूटे — तो सबसे बड़ा नुकसान जनता का होगा।




✍️
डॉ. अजाज अहमद खान
BHMS, CCMP
Dynamocure Homeopathic Centre
📞 7021504032
🌐 www.drajaz.com


Comments

One response to “When Laws Are Ignored, Hunger Becomes the Voice”

  1. Dr sushant kote Avatar
    Dr sushant kote

    Govt kbhi nhi smjhegi jb tk educated log education minister nhi bante

    This is ridiculous and very unapologitic irresponsible work towards doctors society and humanity

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